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NIOS Admission for 10th & 12th Failed Students – Open Schooling Opportunity

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 10वीं और 12वीं फेल छात्रों के लिए NIOS के माध्यम से दोबारा सफलता पाने का मौका   शिक्षा हर व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, लेकिन कभी-कभी परिस्थितियों के कारण कुछ छात्र 10वीं या 12वीं कक्षा की परीक्षा में सफल नहीं हो पाते। ऐसे छात्रों के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) एक बेहतरीन विकल्प प्रदान करता है, जिससे वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं और उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।   एनआईओएस के माध्यम से पढ़ाई क्यों करें   एनआईओएस के माध्यम से पढ़ाई करने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें नियमित स्कूल जाने की अनिवार्यता नहीं होती। यह एक ओपन स्कूलिंग प्रणाली है, जिसमें छात्र अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई कर सकते हैं। इसके अलावा, एनआईओएस का सर्टिफिकेट देशभर के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों द्वारा मान्यता प्राप्त है, जिससे छात्र आगे की पढ़ाई कर सकते हैं या नौकरी के अवसर तलाश सकते हैं।   इस प्रणाली में छात्र अपनी पढ़ाई के साथ नौकरी भी कर सकते हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र भी बन सकते हैं।   कौन ले सकता है प्रव...

TOP 11 IIBF Advance Course MCQ

TOP 11 IIBF Advance Course MCQ with Answers आरटीजीएस के माध्यम से भेजी जाने वाली न्यूनतम राशि ……………….. है। (ए) 100,000 (बी) 50,000 (सी) 2,00,000  (डी) कोई भी राशि

Registration Sole Proprietorship

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भारत में प्रोप्राइटरशिप की आवश्यकता  (  Registration Sole Proprietorship in India ) भारत में प्रोप्राइटरशिप (Sole Proprietorship) का महत्व कई कारणों से बढ़ रहा है, खासकर छोटे व्यवसायों के लिए। इसके कुछ प्रमुख कारण ये हैं: आसान और सरल : प्रोप्राइटरशिप शुरू करना बहुत आसान है। इसमें कोई जटिल कानूनी प्रक्रियाएँ नहीं होतीं और इसे जल्दी से शुरू किया जा सकता है। कम खर्च और कम नियम : प्रोप्राइटरशिप में निवेश कम होता है और नियम भी बहुत आसान होते हैं। छोटे व्यवसायों के लिए यह एक अच्छा विकल्प है, क्योंकि इसमें कम खर्च और मेहनत लगती है। पूरा नियंत्रण : प्रोप्राइटरशिप में एक ही व्यक्ति व्यवसाय चलाता है, इसलिए उसे सभी फैसले खुद लेने का अधिकार होता है। उसे दूसरों से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होती। सिंपल टैक्स सिस्टम : प्रोप्राइटरशिप में, मालिक और व्यवसाय की आय एक साथ टैक्स में जोड़ी जाती है, जिससे टैक्स भरने में सरलता रहती है। कम प्रबंधन समस्याएँ : चूंकि एक ही व्यक्ति व्यवसाय चला रहा होता है, इसलिए प्रबंधन की कोई जटिलता नहीं होती। सभी फैसले और काम सीधे उसी व्यक्ति के हाथ में हो...